शाहिद अफरीदी! ये नाम सुनते ही क्रिकेट फैंस के दिल में जोश आ जाता है, लेकिन इन दिनों वो गलत वजहों से चर्चा में हैं। भारत के खिलाफ उनकी “जीत की परेड” और अब वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में खेलने की बात ने सबको हैरान कर दिया है। क्या शाहिद अफरीदी सिर्फ पैसे के लिए मैदान में उतर रहे हैं? या ये बस उनका ड्रामा है? चलो, इस बात को आसान और मसालेदार अंदाज में समझते हैं, जैसे दोस्तों के बीच गपशप हो!
शाहिद अफरीदी की शर्मनाक हरकत: भारत के खिलाफ जीत की परेड
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। ऐसे में शाहिद अफरीदी ने मई 2025 में कराची में एक रैली निकाली। इसमें वो पाकिस्तानी सेना की तारीफ करते हुए भारत को नीचा दिखाने की बात कर रहे थे। उनका कहना था कि पाकिस्तान ने भारत को “सबक” सिखाया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला। भारतीय फैंस गुस्से में हैं और इसे शाहिद अफरीदी की “शर्मनाक” हरकत बता रहे हैं।
- क्या हुआ था? रैली में शाहिद अफरीदी ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बातें कीं।
- लोगों का गुस्सा: भारतीय फैंस ने इसे देश के खिलाफ अपमान माना।
- वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर क्लिप देखकर लोग भड़क उठे।
शाहिद अफरीदी का दोहरा चेहरा: देशभक्ति का दावा, फिर भी पैसों की खातिर मैदान में?
2025 में WCL में भारत-पाकिस्तान का मैच होना था, लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारतीय खिलाड़ी जैसे शिखर धवन, युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने खेलने से मना कर दिया। ये था असली देशभक्ति का जज्बा! लेकिन शाहिद अफरीदी ने इसका मजाक उड़ाया। उन्होंने एक भारतीय खिलाड़ी को “सड़ा अंडा” कहा और बोले कि क्रिकेट को सियासत से अलग रखना चाहिए। अरे भाई, ये वही शाहिद अफरीदी हैं जो भारत के खिलाफ जहर उगलते थे! अब वही लीग में खेलने को तैयार हैं। ये क्या दोहरा चेहरा नहीं?
| बात | शाहिद अफरीदी का रवैया | भारतीय खिलाड़ियों का रवैया |
|---|---|---|
| WCL में खेलना | खेलने को तैयार | देशभक्ति के लिए मना किया |
| भारत के खिलाफ बयान | भड़काऊ बातें | चुप रहे, सम्मान दिखाया |
| सोशल मीडिया रिएक्शन | आलोचना हुई | तारीफ हुई |
भारत के खिलाफ जश्न, अब पैसे की चाह: शाहिद अफरीदी पर क्यों उठ रहे सवाल?
शाहिद अफरीदी का पुराना रिकॉर्ड देखो, भारत के खिलाफ हमेशा कुछ न कुछ बोलते रहे हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने भारतीय सेना को “नालायक” कहा था। फिर “जीत की परेड” निकाली। लेकिन अब WCL में खेलने को तैयार हैं, जिसके मालिकों में बॉलीवुड स्टार अजय देवगन भी हैं। ये क्या बात हुई? एक तरफ भारत को गाली, दूसरी तरफ उसी के साथ काम? लोग पूछ रहे हैं कि क्या शाहिद अफरीदी की देशभक्ति सिर्फ दिखावा है?
- दोहरा रवैया: भारत के खिलाफ बोलते हैं, फिर उनके साथ खेलते हैं।
- पैसे की बात: WCL में मोटी रकम मिलती है, क्या यही वजह है?
- फैंस का सवाल: क्या शाहिद अफरीदी सिर्फ सुर्खियां बटोरना चाहते हैं?
शाहिद अफरीदी की विवादित पारी: जीत का जश्न या पैसों का खेल?
शाहिद अफरीदी का क्रिकेट करियर हमेशा से मसालेदार रहा है। 2019 में उन्होंने अभिनंदन वर्तमान पर “फैंटास्टिक टी” वाला बयान दिया था। 2025 में भारत को “पाकिस्तान से 10 साल पीछे” बताया। अब WCL में खेलने की बात ने सबको चौंका दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने जहां देश को पहले रखा, वहीं शाहिद अफरीदी ने इसे “गलत” ठहराया। बोले, “अगर खेलना नहीं था, तो पहले मना कर देना था।” लेकिन भाई, तुम तो खुद उसी लीग में खेल रहे हो! ये क्या पैसे का खेल है?
शाहिद अफरीदी का इतिहास: हमेशा सुर्खियों में
शाहिद अफरीदी का भारत के खिलाफ बोलने का पुराना रिकॉर्ड है। 2022 में गौतम गंभीर पर तंज कसा, 2015 में PCB को भारत के सामने “गिड़गिड़ाने” की सलाह दी। हर बार उनके बयान भारत में गुस्सा बढ़ाते हैं। इस बार भी पहलगाम हमले के बाद उनकी बातों ने तूल पकड़ा। यहां तक कि पाकिस्तान में दानिश कनेरिया जैसे क्रिकेटर ने उन्हें “उग्रवादी” कहा।
- पुराने बयान: हमेशा भारत के खिलाफ कुछ न कुछ बोलते रहे।
- आलोचना: भारत और पाकिस्तान दोनों जगह लोग नाराज।
- सोशल मीडिया: फैंस ने उन्हें “भिखारी” और “दोमुंहा” कहा।
निष्कर्ष: शाहिद अफरीदी की साख पर सवाल
शाहिद अफरीदी का नाम क्रिकेट में बड़ा है, लेकिन उनकी हरकतें उन्हें विवादों का बादशाह बनाती हैं। भारत के खिलाफ जश्न, फिर पैसे के लिए खेलना—ये सब उनके दोहरे चरित्र को दिखाता है। भारतीय खिलाड़ियों ने देशभक्ति दिखाई, लेकिन शाहिद अफरीदी का रवैया सवाल उठाता है। क्या वो सिर्फ पैसों और सुर्खियों के लिए ऐसा करते हैं? क्रिकेट एक खेल है, लेकिन जब देश की बात आती है, तो ये सिर्फ खेल नहीं रह जाता। शाहिद अफरीदी को अब सोच-समझकर बोलना और करना होगा, वरना उनकी साख और दांव पर लग सकती है।